
हर_इक आरज़ू को खता मानते हैं,
तुम्हारी कमी को सज़ा मानते हैं
किसी गाम ठोकर लगेगी उन्हे भी,
जो इन पत्थरों को खुदा मानते हैं
कभी उन अंधेरों से जाकर तो पूछो,
उजालों को क्यूं बेवफ़ा मानते हैं
नए दौर के हैं ये अहल-ए-मुहब्बत,
जो चेहरे बदलना अदा मानते हैं
चलो गांव में ही ठहाके लगाएं,
यहां मुस्कुराना बुरा मानते हैं
वही बेखुदी है वही बेकरारी,
वही एक चेहरा दवा मानते हैं
मेरी कब्र पे दर्ज़ करना ये "रंजन",
"ज़माने से खुद को जुदा मानते हैं"
15 comments:
नए दौर के हैं ये अहल-ए-मुहब्बत,
जो चेहरे बदलना अदा मानते हैं
बहुत सही ..सुंदर
बहुत बढिया!
चलो गांव में ही ठहाके लगाएं,
यहां मुस्कुराना बुरा मानते हैं
नए दौर के हैं ये अहल-ए-मुहब्बत,
जो चेहरे बदलना अदा मानते हैं
चलो गांव में ही ठहाके लगाएं,
यहां मुस्कुराना बुरा मानते हैं
bahut badhiya...
वही बेखुदी है वही बेकरारी,
वही एक चेहरा दवा मानते हैं.
सुंदर.
कभी उन अंधेरों से जाकर तो पूछो,
उजालों को क्यूं बेवफ़ा मानते हैं
ye meri pasndida sher raha hai pahile se hi
बहुत बढिया! बधाई.
चलो गांव में ही ठहाके लगाएं,
यहां मुस्कुराना बुरा मानते हैं
वही बेखुदी है वही बेकरारी,
वही एक चेहरा दवा मानते हैं
सुभान अल्लाह.....अमित ....
"कभी उन अंधेरों से जाकर तो पूछो,
उजालों को क्यूं बेवफ़ा मानते हैं।"
गजल के यूं तो सभी शेर उम्दा हैं, पर यह शेर तो लाजवाब है।
Har ek sher laajawaab hai.......WaH..
Aur is sher ne to maaniye sachaii aur dard zubaaN pe raKH diya ho jaise :
किसी गाम ठोकर लगेगी उन्हे भी,
जो इन पत्थरों को खुदा मानते हैं
वही बेखुदी है वही बेकरारी,
वही एक चेहरा दवा मानते हैं ...
bahar-e-ranjan ... subhan allah ... waah sahab waah ...
poori gHazal qatl hai bas... intzar rahega agli ka
मेरी कब्र पे दर्ज़ करना ये "रंजन",
"ज़माने से खुद को जुदा मानते हैं"
ranjan sa'ab .. kya baat hai ... mujhe apna likha ek sher yaad aa gaya ....
meri turbat ko aana magar khaali haath
ho sake to laana bas apnain jajbaat
किसी गाम ठोकर लगेगी उन्हे भी,
जो इन पत्थरों को खुदा मानते हैं
...behtareen
हर_इक आरज़ू को खता मानते हैं,
तुम्हारी कमी को सज़ा मानते हैं
-bahut hi khubsurat lagi ..aapki sawaalo ki ulzaan...
your words will mirror life.
have no worries on that score-
for truth and beauty-
are embedded sir ,in life'.u hav slipped into the covers & are bedded with his wife...
किसी गाम ठोकर लगेगी उन्हे भी,
जो इन पत्थरों को खुदा मानते हैं
bahut dinoN ke baad vaapis aaye ho..welcome back
bahut khoob
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